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Month: January 2015

My Hindi/Urdu translation of ‘Amaze’, by Adelaide Crapsey

My Hindi/Urdu translation of ‘Amaze’, by Adelaide Crapsey

हैरत

मैं जानती
नहीं इन अपने हाथों को
लेकिन फ़िर भी मेरे ख़याल में
थी एक औरत मेरे जैसी जिसके हाथ एक दफ़ा
ऐसे थे।

(The Original)

I know
Not these my hands
And yet I think there was

A woman like me once had hands
Like these.

My Hindi/Urdu translation of ‘Afternoon on a Hill’, by Edna St. Vincent Millay

My Hindi/Urdu translation of ‘Afternoon on a Hill’, by Edna St. Vincent Millay

पहाड़ी पर दोपहर

मैं होउंगी सबसे खुश शै
आसमां के नीचे!
मैं छुऊँगी हज़ारों फ़ूल
और एक भी न तोडूँगी।

मैं देखूंगी टीलों और बादलों को
शांत नज़रों से,
देखूंगी हवा का घास को झुकाना,
और घास को ऊपर उठाना।

और जब बत्तियां दिखने लगेंगी
शहर की ऊपर से,
मैं निशान लगाऊँगी कौन सी मेरी होगी
फ़िर रवाना होउंगी नीचे!

(The Original)

I will be the gladdest thing
Under the sun!
I will touch a hundred flowers

And not pick one.

I will look at cliffs and clouds
With quiet eyes,
Watch the wind bow down the grass,
And the grass rise.

And when lights begin to show
Up from the town,
I will mark which must be mine,
And then start down!

My Hindi/Urdu translation of ‘White Night’, by Anna Akhmatova

My Hindi/Urdu translation of ‘White Night’, by Anna Akhmatova

सफ़ेद रात

ओह, मैंने दरवाज़े को ताला नहीं लगाया,
मैने शम्माएं रोशन नहीं कीं,
पता है मैं बहुत थक चुकी हूँ
कि नींद के बारे में सोचूं।

देखो, मैदान कैसे ख़ामोश हो जाते हैं,
डूबते सूरज में उदास चीड़ के दरख्तों से,
और मैं मदहोश हूँ तुम्हारी आवाज़
की बजती गूंज से, यहाँ।

कोई बात नहीं, कि सब स्याह है,
वो ज़िंदगी–बद्दुआ-ए-जहन्नुम है।
और हाँ, तुम वापिस आ जाओगे–
मुझे कितना यकीन था, वो भी।

(The Original)

Oh, I’ve not locked the door,
I’ve not lit the candles,
You know I’m too tired

To think of sleep.

See, how the fields die down,
In the sunset gloom of firs,
And I’m drunk on the sound
Of your voice, echoing here.

It’s fine, that all’s black,
That life’s – a cursed hell.
O, that you’d come back –
I was so certain, as well.